राम एक भगवान है ये हम सभी जानते हैं। उनके जीवन से हमे बहुत सी सीख सीखने को मिलती है। हिन्दू मान्यता के अनुसार, भगवान् राम विष्णु के सातवें अवतार थे। और यदि वो चाहते तो खुद अकेले ही लंका पर आक्रमण कर रावण को हरा सकते थे। या फिर बड़े बड़े राजाओ से सहायता लेकर भी युद्ध कर सकते थे। परन्तु उन्होंने समाज के पिछड़े और निम्न वर्ग को लेकर अपनी सेना बनायीं। जिसमे महाराज सुग्रीव की वानर सेना भी थी। जिहने अपने ऊपर इतना विसवास भी नहीं था की वो रावण के सामने तो क्या किसी साधारण राजा के सामने भी नहीं टिक सकते। पर भगवान् राम के नेत्तृत्व ने उन्हें प्रोत्साहित किया, और अंत में लंका पर विजय पायी।
ये अध्याय हमें सीखता है की टीम वर्क में कितनी शक्ति होती है.। बड़े से बड़े कार्य भी सुगमता से हल हो जाते हैं। इसमें भगवान् राम की लीडरशिप स्किल भी प्रकट होती है।

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